Tuesday, February 15, 2011

कोई ला कर मुझे दे

कोई ला कर मुझे दे
वो बचपन की यादें
वो तारों की रातें
शरारत की बातें

वो भवरो की गुन-गुन
वो सखियों का झुरमुट
वो बच्चो की शिरकत
कोई लाकर मुझे दे

वो अधूरी कहानी
हमारी जुबानी
कोई ला के मुझे दे
वो जुगनू की चम- चम

वो तोतली बातें
गुडिया गुड्डो की बरातें
वो नदिया पे बैठे परिंदों
की आवाजे कोई ला कर मुझे दे ....?

3 comments:

IRFANUDDIN said...

Just loved this one by you....Beutifullll.....

"KOI LAUTAA DE MIJHE MERE BEETE HUE KAL"...........

चैतन्य शर्मा said...

Bahut sunder kavita...sunder chitra

Ravi Sisodia said...

Vo Bachpan ...
Gr8 Poem ...

Ravi Sisodia
'I'm Born to Shine'
http://ravikavisisodia.blogspot.in/